भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI - Sports Authority of India) भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय खेल निकाय है, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में खेलों को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल में उत्कृष्टता (Excellence) प्राप्त करना है।
स्रोतों के आधार पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- एलीट एथलीटों का प्रशिक्षण और समर्थन (TEAMS): यह SAI का एक प्रमुख कार्य है, जिसके तहत वह अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए राष्ट्रीय टीमों की तैयारी में राष्ट्रीय खेल संघों (NSFs) को सहायता प्रदान करता है। इसमें लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग, उपकरणों की खरीद, और भारतीय तथा विदेशी कोचों की नियुक्ति के लिए वित्तीय मदद देना शामिल है।
- प्रतिभा की पहचान और खेल योजनाओं का संचालन: देश भर में युवा खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें निखारने के लिए SAI विभिन्न विशेष योजनाएं चलाता है। इनमें प्रमुख हैं:
- राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना (NSTC): 8-14 वर्ष के बच्चों को स्कूल के माहौल में खेल और पढ़ाई का अवसर देना।
- आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी (ABSC): भारतीय सेना के सहयोग से 8 से 14 वर्ष के लड़कों को ट्रेनिंग देना, जिसमें बाद में सेना में करियर की भी सुविधा होती है।
- SAI प्रशिक्षण केंद्र योजना (STC): राज्य सरकारों के सहयोग से आवासीय (residential) और गैर-आवासीय एथलीटों को ट्रेनिंग देना।
- कम एंड प्ले (Come and Play): समुदाय के लिए खेलों को सुलभ बनाना और नए टैलेंट की खोज करना।
- राष्ट्रीय कोचिंग कैंप आयोजित करना: SAI अपने विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों और स्टेडियमों में भारतीय टीमों को आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए तैयार करने हेतु कोचिंग कैंप आयोजित करता है।
- कोच और खेल सपोर्ट स्टाफ तैयार करना: SAI अपने दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों— नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NSNIS), पटियाला और लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज (LNCPE), तिरुवनंतपुरम के माध्यम से खेल चिकित्सा, शारीरिक शिक्षा और कोचिंग में ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट और पीएचडी स्तर के कोर्स चलाता है ताकि देश को योग्य कोच मिल सकें।
- खेल विज्ञान और चिकित्सा पर अनुसंधान: एथलीटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए SAI के 'स्पोर्ट्स साइंस सेंटर' स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स, न्यूट्रिशन (पोषण), स्पोर्ट्स साइकोलॉजी (मनोविज्ञान) और फिजियोथेरेपी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च करते हैं।
- स्टेडियम और बुनियादी ढांचे का प्रबंधन: यह भारत के प्रमुख खेल स्टेडियमों का प्रबंधन और रखरखाव करता है। उदाहरण के लिए, नई दिल्ली में स्थित 5 प्रमुख स्टेडियम (जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, इंदिरा गांधी एरिना, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम आदि) SAI द्वारा ही प्रबंधित किए जाते हैं।
- दीर्घकालिक विकास योजना (LTDP): SAI राष्ट्रीय खेल संघों (NSFs) के साथ मिलकर विभिन्न खेलों के विकास, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, और प्रमुख इवेंट्स की मेजबानी के लिए चार वर्षीय 'दीर्घकालिक विकास योजना' तैयार करता है।
