Why the Constitution Matters — जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की महत्वपूर्ण पुस्तक
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने अपनी नई पुस्तक “Why the Constitution Matters” लिखी है, जिसे Penguin Random House India द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। यह पुस्तक अगस्त 2025 के अंत तक बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसमें संविधान की प्रासंगिकता, मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती पर गहन चर्चा की गई है।
पुस्तक का परिचय
यह पुस्तक सरल और स्पष्ट भाषा में लिखी गई है ताकि केवल विधि विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी संविधान की महत्ता को समझ सकें। जस्टिस चंद्रचूड़ ने इसमें संविधान को केवल एक कानूनी दस्तावेज न मानकर एक जीवंत सामाजिक अनुबंध के रूप में प्रस्तुत किया है, जो प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों को संतुलित करता है।
मुख्य विषय
- संविधान की भूमिका और महत्ता
- मौलिक अधिकार और उनकी सुरक्षा
- संवैधानिक नैतिकता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा
- न्यायपालिका और नागरिक स्वतंत्रता
- नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक संतुलन
पुस्तक किसके लिए है?
यह पुस्तक खासतौर से छात्रों, शोधकर्ताओं, सिविल सेवा अभ्यर्थियों और संविधान में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपयोगी होगी। इसे पढ़कर हर नागरिक यह समझ पाएगा कि संविधान क्यों आवश्यक है और यह हमारे दैनिक जीवन में कैसे प्रभाव डालता है।
मुख्य हाइलाइट्स (Rich Snippets)
- पुस्तक: Why the Constitution Matters — लेखक: जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़
- प्रकाशक: Penguin Random House India
- अपेक्षित प्रकाशन: अगस्त 2025 के अंत तक
- मुख्य विषय: संविधान की प्रासंगिकता, मौलिक अधिकार, संवैधानिक नैतिकता, नागरिक भागीदारी
- पाठक वर्ग: छात्र, शोधकर्ता, सिविल सेवा अभ्यर्थी और आम नागरिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. “Why the Constitution Matters” पुस्तक किसने लिखी है?
यह पुस्तक भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (50वें) जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ द्वारा लिखी गई है।
2. यह पुस्तक कब प्रकाशित होगी?
इसका विमोचन Penguin Random House India द्वारा अगस्त 2025 के अंत तक अपेक्षित है।
3. पुस्तक का मुख्य फोकस क्या है?
यह पुस्तक संविधान की भूमिका, मौलिक अधिकारों की सुरक्षा, लोकतांत्रिक संतुलन और नागरिक भागीदारी पर केंद्रित है।
4. किनके लिए यह पुस्तक उपयोगी है?
छात्रों, विधि-शोधकर्ताओं, सिविल सेवा अभ्यर्थियों और संविधान में रुचि रखने वाले आम नागरिकों के लिए।
5. क्या यह पुस्तक केवल विधि विशेषज्ञों के लिए है?
नहीं, इसे सरल और स्पष्ट भाषा में लिखा गया है ताकि आम नागरिक भी संविधान की प्रासंगिकता को समझ सकें।