भारत रत्न और पद्म पुरस्कार : इतिहास, महत्व और पूरी जानकारी
भारत में कई ऐसे नागरिक सम्मान हैं जो देश की महान विभूतियों को उनके असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं भारत रत्न और पद्म पुरस्कार। ये दोनों सम्मान केवल पुरस्कार नहीं बल्कि राष्ट्र की कृतज्ञता और आदर का प्रतीक हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के बारे में – इनका इतिहास, महत्व, चयन प्रक्रिया, प्रमुख प्राप्तकर्ता और आलोचनाएँ।
भारत रत्न – सर्वोच्च नागरिक सम्मान
स्थापना और इतिहास
भारत रत्न पुरस्कार की स्थापना 1954 में हुई थी। इसे किसी भी क्षेत्र में असाधारण और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। प्रारंभ में यह पुरस्कार केवल साहित्य, कला, विज्ञान और सार्वजनिक सेवाओं तक सीमित था, लेकिन 2011 में इसके दायरे को बढ़ाकर “मानव प्रयास के सभी क्षेत्रों” तक कर दिया गया।
स्वरूप और प्रतीक
भारत रत्न का पदक पीपल की पत्ती के आकार का होता है। सामने की ओर सूर्य की आकृति और नीचे "भारत रत्न" अंकित रहता है। यह प्रतीक भारत की संस्कृति और जीवन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
चयन प्रक्रिया
- भारत रत्न की सिफारिश प्रधानमंत्री करते हैं।
- राष्ट्रपति इसकी अंतिम मंजूरी देते हैं।
- यह सम्मान भारतीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को भी मिल सकता है।
प्रमुख प्राप्तकर्ता
- 1954 : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सी. राजगोपालाचारी, सी. वी. रमन।
- डॉ. भीमराव अंबेडकर (1990) – भारतीय संविधान के निर्माता।
- नेल्सन मंडेला (1990) – दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता।
- लता मंगेशकर (2001) – स्वर कोकिला।
- ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (1997) – मिसाइल मैन और भारत के राष्ट्रपति।
पद्म पुरस्कार – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री
स्थापना और श्रेणियाँ
भारत सरकार ने 1954 में ही पद्म पुरस्कार शुरू किए। ये भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है –
- पद्म विभूषण – असाधारण और विशिष्ट सेवा।
- पद्म भूषण – उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा।
- पद्म श्री – उत्कृष्ट सेवा के लिए।
स्वरूप
पद्म पुरस्कार का पदक गोलाकार होता है। इसमें सामने कमल का फूल अंकित रहता है और पीछे भारत का राष्ट्रीय प्रतीक व "सत्यमेव जयते" लिखा होता है।
चयन प्रक्रिया
- कोई भी व्यक्ति किसी के लिए नामांकन कर सकता है।
- हर साल गणतंत्र दिवस पर इनकी घोषणा होती है।
- चयन पद्म पुरस्कार समिति करती है और राष्ट्रपति इसकी मंजूरी देते हैं।
प्रमुख प्राप्तकर्ता
- पद्म विभूषण : सत्यजित रे (फिल्म), रतन टाटा (व्यापार), अमर्त्य सेन (अर्थशास्त्र)।
- पद्म भूषण : मेरी कॉम (खेल), जाकिर हुसैन (संगीत)।
- पद्म श्री : हिमा दास (एथलीट), एकलव्य पुरस्कार विजेता खिलाड़ी, लोक कलाकार और समाजसेवी।
भारत रत्न और पद्म पुरस्कार में अंतर
आधार | भारत रत्न | पद्म पुरस्कार |
---|---|---|
स्थापना वर्ष | 1954 | 1954 |
स्तर | सर्वोच्च नागरिक सम्मान | दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान |
श्रेणियाँ | कोई नहीं | 3 (विभूषण, भूषण, श्री) |
चयनकर्ता | प्रधानमंत्री की सिफारिश, राष्ट्रपति की मंजूरी | पद्म समिति और राष्ट्रपति की मंजूरी |
प्राप्तकर्ताओं की संख्या | सीमित (50+) | अधिक (8000+) |
पुरस्कारों से जुड़े विवाद और आलोचनाएँ
- राजनीतिक प्रभाव – आरोप है कि कई बार पुरस्कार योग्यता के बजाय राजनीतिक संबंधों या लोकप्रियता के आधार पर दिए जाते हैं।
- विलंबित मान्यता – कई महान व्यक्तियों को उनकी मृत्यु के बाद सम्मान मिला।
- क्षेत्रीय असमानता – कुछ राज्यों से ज्यादा बार चयन, जबकि कुछ राज्यों की उपेक्षा।
भारत रत्न और पद्म पुरस्कार का महत्व
- ये पुरस्कार समाज को प्रेरणा देते हैं।
- भारत की सांस्कृतिक विविधता और मानव प्रयास की व्यापकता को दर्शाते हैं।
- युवाओं को आदर्श व्यक्तित्वों से परिचित कराते हैं।
- वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
भारत रत्न और पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं बल्कि यह राष्ट्र की कृतज्ञता और गौरव का प्रतीक हैं। भारत रत्न सर्वोच्च उपलब्धियों को मान्यता देता है, जबकि पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री हर क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित करते हैं। जब कोई व्यक्ति इन पुरस्कारों से नवाजा जाता है, तो यह न केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि होती है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. भारत रत्न क्या है?
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे 1954 में शुरू किया गया था।
Q2. पद्म पुरस्कार कितने प्रकार के होते हैं?
पद्म पुरस्कार तीन प्रकार के होते हैं – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री।
Q3. भारत रत्न और पद्म पुरस्कार में क्या अंतर है?
भारत रत्न सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जबकि पद्म पुरस्कार दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान हैं जिनमें तीन श्रेणियाँ होती हैं।
Q4. क्या विदेशी नागरिक भी भारत रत्न पा सकते हैं?
हाँ, विदेशी नागरिक भी भारत रत्न पा सकते हैं। जैसे – नेल्सन मंडेला।
Q5. पद्म पुरस्कार कब घोषित होते हैं?
पद्म पुरस्कार हर साल 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर घोषित किए जाते हैं।